Sunday, February 15, 2009

wo raat kya raat thi

वो रात भी क्या रात थी ,
तुम थे और था चाँद थोड़ा थोड़ा |

कर रहे थे प्यार मुझको ,
और था इताब थोड़ा थोड़ा |

थोडी थोडी मुहब्बत थी और ,
था तेरा नखरा थोड़ा थोड़ा |

सारी छत पे थी खुशबू महकी ,
जो था तेरा इकरार थोड़ा थोड़ा |


3 comments:

SWAPN said...

sunder rachna.

Mayur raj said...

fan ho gya iska

love said...

aur sher bhi to likho...